मेड विद इश्क़

प्राइवेसी

आख़िरी बदलाव: 17 अक्टूबर 2026।

यह पेज बताता है कि हम इस वेबसाइट से क्या जानकारी रखते हैं, क्यों रखते हैं, और किसे दिखती है, और आप उसे कैसे हटवा सकते हैं। यह madewithishq.com और मेड विद इश्क़ फ़ेलोशिप, दोनों पर लागू होता है। हमने इसे जान-बूझकर छोटा और सीधा रखा है।

आपकी जानकारी किसके पास है

मेड विद इश्क़ अभी कोई रजिस्टर्ड संस्था नहीं है। जब तक नहीं होती, आपकी जानकारी की ज़िम्मेदारी इसके संस्थापक Arqum Beg की है, जो लखनऊ, भारत में हैं।

संस्था रजिस्टर होने पर यह पेज उसका नाम बताएगा।

हमें लिखिए: fellowship@madewithishq.com

हम क्या रखते हैं

वेटलिस्ट में नाम लिखवाने पर हम ये चीज़ें रखते हैं:

  • आपका ईमेल पता
  • आपका नाम, अगर आप दें
  • वह भाषा जिसमें आपने साइट देखी
  • जिन शब्दों पर आपने हामी भरी, वे उसी भाषा में, और हामी भरने का वक़्त

इसके अलावा कुछ नहीं। इस साइट पर एनालिटिक्स या विज्ञापन वाले कोई ट्रैकर नहीं हैं, और यह अपनी तरफ़ से कोई कुकी नहीं रखती।

हम इसका क्या करते हैं

मेड विद इश्क़ फ़ेलोशिप के बारे में आपको लिखने के लिए: नाम लिखवाने पर एक पुष्टि, और दरख़्वास्तें खुलने पर एक संदेश। आपने इसी पर हामी भरी है, इसलिए हम इसे सिर्फ़ इसी के लिए इस्तेमाल करते हैं।

हम आपकी जानकारी न बेचते हैं, न विज्ञापन के लिए किसी को देते हैं। आपसे पूछे बिना हम इसे किसी और काम में, या मेड विद इश्क़ की किसी और पहल में, इस्तेमाल नहीं करेंगे।

और किसे दिखती है

कुछ कंपनियाँ हमारे लिए इस साइट के अलग-अलग हिस्से चलाती हैं। हर कंपनी आपकी जानकारी सिर्फ़ अपना वह काम करने के लिए इस्तेमाल करती है:

  • Supabase वेटलिस्ट को मुंबई के एक डेटाबेस में रखता है।
  • Resend हमारे ईमेल भेजता है, इसलिए आपका ईमेल पता और संदेश उससे होकर गुज़रते हैं।
  • Cloudflare जाँचता है कि फ़ॉर्म किसी इंसान ने भेजा है, किसी बॉट ने नहीं। इस जाँच के लिए वह आपका IP पता और आपके ब्राउज़र की जानकारी देखता है।
  • Vercel इस साइट को होस्ट करता है। साइट चलाने और उसे सुरक्षित रखने के लिए वह कुछ समय तक तकनीकी लॉग रखता है, जैसे IP पते।

इनमें से कुछ कंपनियाँ भारत से बाहर की हैं, इसलिए इस काम के लिए आपकी जानकारी देश के बाहर भी जा सकती है।

हम इसे कब तक रखते हैं

जब तक आप इसे हटाने को न कहें। अगर फ़ेलोशिप बंद होती है, तो हम उसकी वेटलिस्ट मिटा देंगे।

आपके हक़

भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के तहत आप:

  • पूछ सकते हैं कि हमारे पास आपकी क्या जानकारी है, और किस-किसने उसे संभाला है
  • उसे सुधरवा या पूरा करवा सकते हैं
  • उसे हटवा सकते हैं
  • कभी भी अपनी हामी वापस ले सकते हैं; तब हम आपको लिखना बंद कर देंगे और आपकी जानकारी मिटा देंगे
  • किसी को नामज़द कर सकते हैं, जो आपकी मौत या आपके असमर्थ होने पर आपकी ओर से ये हक़ इस्तेमाल करे
  • हमसे शिकायत कर सकते हैं, और अगर हमारे जवाब से बात न सुलझे, तो डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ़ इंडिया से

आप हमारे किसी भी ईमेल का जवाब देकर भी लिख सकते हैं। हम 30 दिन के अंदर जवाब देंगे।

हमें लिखिए: fellowship@madewithishq.com

बच्चे

भारतीय क़ानून में 18 साल से कम उम्र का हर शख़्स बच्चा है, और बच्चे की जानकारी के लिए माता-पिता या अभिभावक की मंज़ूरी चाहिए। वेटलिस्ट बच्चों के लिए नहीं है: अगर आपकी उम्र 18 से कम है, तो कृपया नाम न लिखवाएँ। अगर हमें पता चला कि 18 से कम उम्र के किसी शख़्स ने नाम लिखवाया है, तो हम उसकी जानकारी मिटा देंगे।

इस पेज में बदलाव

कुछ भी नया रखने से पहले, जैसे फ़ेलोशिप की दरख़्वास्तें, हम यह पेज और ऊपर लिखी तारीख़ बदल देंगे।